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आंतों की बीमारी

 

بِسْمِ اللّهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيمِ

Bismillāhir Raḥmānir Raḥīm.

الٓرٰۚ تِلْكَ آيَاتُ الْكِتَابِ الْمُبِينِ ۝      الرَّحِیْمْ الرَّحِیْمْ الرَّحِیْمْ

Alif-Lām-Rā, Tilka āyātu al-Kitābi al-Mubīn, Ar-Raḥīm, Ar-Raḥīm.

सूर्योदय से पहले ग्यारह बार पढ़कर एक प्याली पानी पर दम करें और निहार मुख नब्बे (90) दिनों तक सेवन करें।

 

आंतों में सूखापन

تَبَّتْ يَدَا أَبِي لَهَبٍ وَتَبَّ مَا أَغْنَىٰ عَنْهُ مَالُهُ وَمَا كَسَبَ
سَيَصْلَىٰ نَارًا ذَاتَ لَهَبٍ وَامْرَأَتُهُ

Tabbat yadā Abī Lahabin watabb Mā aghnā ‘anhu māluhu wamā kasab Sayaslā nāran dhāt lahab Wa-mra'atuhu.

इशा की नमाज़ के बाद 101 बार पढ़कर पानी पर दम करें। 24 घंटे में पीने के लिए केवल यही पानी उपयोग करें। इसका अर्थ यह है कि इतनी मात्रा में पानी पर दम किया जाए जो पूरे दिन और रात की आवश्यकता के लिए पर्याप्त हो। यदि 24 घंटे के बाद पानी बच जाए, तो उसे किसी पौधे या पेड़ की जड़ में डाल दें और अगले 24 घंटे के लिए नया पानी तैयार करें।

उपचार की अवधि 21 दिन है। इस दौरान कोई अन्य पानी पिएँ।

आंत उतरना (हर्निया)

रात को सोने से पहले 21 बार

وَرَفَعَ دَرَجَا تُھُمْ

Wa-rafa‘a darajātihim

पढ़कर फूंक मारें। उपचार की अवधि 90 दिन है। इस दौरान लंगोट पहनने का प्रबंध करें।

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रोहानी इलाज-आध्यात्मिक चिकित्सा-(Roohani ilaj)

ख्वाजा शम्सुद्दीन अजीमी


हज़ूर सरवर-ए-ब्रह्मांड (P.B.U.H.) की सेवा में

 

संदेह और अनिश्चितता के तूफ़ान से उत्पन्न लगभग दो सौ बीमारियों और समस्याओं को एकत्र कर इस पुस्तक में उनका समाधान प्रस्तुत किया जा रहा है।

पुस्तक "रूहानी इलाज" में जितने भी रोगों के उपचार और समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए हैं, वे सभी मुझे सिलसिला ओवैसिया, कलंदरिया, अज़ीमिया से स्थानांतरित हुए हैं, और इस फ़क़ीर ने इन समस्त आमलियात की ज़कात अदा की है।

मैं ब्रह्मांड की सृष्टि के लिए इस रूहानी कृपा को सामान्य करता हूँ और सैय्यदुना हज़ूर (P.U.H.B.) के माध्यम से प्रार्थना करता हूँ कि अल्लाह तआला मेरी इस कोशिश को स्वीकार्यता प्रदान करें, अपने भक्तों को स्वास्थ्य प्रदान करें, और उन्हें कठिनाइयों, संकटों और परेशानियों से सुरक्षित रखें।

आमीन, सुम्मा आमीन।