Topics
यह रोग पाचन प्रणाली
की खराबी या बाहरी कारणों जैसे गर्मी, सर्दी, चोट, धूल, धुंआ और लगातार जुकाम के कारण होते हैं।
ग्लूकोमा और
मोतियाबिंद
हर नमाज़ के बाद
ग्यारह बार "الْحَيُّ
الْقَيُّومُ الْحَقّ الْنُّوْرُ- Al-Ḥayy al-Qayyūm al-Ḥaqq
an-Nūr" पढ़कर आठों अंगुलियों के शीर्षों पर दम करें और
आंखों पर फेरें।
रात की अंधता (रतोन्दा) उस रोग को कहते हैं जिसमें अंधेरे में या रात्रि को वस्तुएं या तो नहीं
दिखतीं या धुंधली दिखती हैं। ऐसी अवस्था में
یَاعَمَا نَوِیْلْ یَاعَمَانَوِیْلْ
Yā ‘Amā Nawīl Yā ‘Amā Nawīl
(यह एक बार हुआ) ग्यारह सौ बार पढ़कर एक पाउं शुद्ध की हुई कलोंजी पर
दम करें और प्रात: और संध्या समय एक चुटकी ताजे जल के साथ सेवन करें।
धुंधलापन /
दृष्टि
की कमजोरी
पाठ करें
"مُعِیْنُ السَلَامْ مِاءَتُ
الحِیْنْ اَلْصَّابِ اْلغِلَامُ الْمَرِیْ"
Mu‘īn as-Salām Miā’at al-Ḥīn aṣ-Ṣāb al-Ghilām al-Marī
सूर्यास्त से पूर्व
तीन बार पढ़कर एक बड़े पात्र में जल पर दम करें। इस पात्र से तीन घूंट जल पृथक
करके निःशब्द सेवन करें और शेष जल को दाएं हाथ की चुटकी में लेकर उसमें अपनी आंखों
को खोलें और बंद करें। जल जब उष्ण हो जाए, तब उसे किसी गमले या
क्यारी में डाल दें। फिर दूसरा चुटकी भरकर पहले बाएं आंख को धोएं और फिर दाएं आंख
को धोएं। यह प्रक्रिया 90 दिन तक करनी है। अल्लाह तआला के कृपा से दृष्टि की
कमजोरी दूर हो जाती है।
रोहानी इलाज-आध्यात्मिक चिकित्सा-(Roohani ilaj)
ख्वाजा शम्सुद्दीन अजीमी
हज़ूर सरवर-ए-ब्रह्मांड
(P.B.U.H.) की सेवा में
संदेह और अनिश्चितता के तूफ़ान से उत्पन्न लगभग दो सौ
बीमारियों और समस्याओं को एकत्र कर इस पुस्तक में उनका समाधान प्रस्तुत किया जा
रहा है।
पुस्तक "रूहानी इलाज" में जितने भी
रोगों के उपचार और समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए हैं, वे सभी मुझे सिलसिला ओवैसिया, कलंदरिया, अज़ीमिया से
स्थानांतरित हुए हैं, और इस फ़क़ीर ने इन समस्त आमलियात
की ज़कात अदा की है।
मैं ब्रह्मांड की सृष्टि के लिए इस रूहानी कृपा को
सामान्य करता हूँ और सैय्यदुना हज़ूर (P.U.H.B.) के माध्यम से प्रार्थना करता हूँ कि अल्लाह तआला मेरी
इस कोशिश को स्वीकार्यता प्रदान करें, अपने भक्तों को
स्वास्थ्य प्रदान करें, और उन्हें कठिनाइयों, संकटों और परेशानियों से सुरक्षित रखें।
आमीन, सुम्मा आमीन।