Spiritual Healing
आंख के कोने में एक फुंसी जैसी संरचना उत्पन्न होती है, जिसे आंख का नासूर कहा जाता है। चना की एक दाल लें (यहां दाल
से अभिप्रेत चने के आधे भाग से है) और एक पत्थर लें, जो
सामान्यतः नदियों के किनारे पाया जाता है। यह पत्थर हल्के सफेद या भूरे रंग का
होता है और कभी-कभी इसमें विभिन्न आकार और चित्र होते हैं, साथ
ही यह चिकना भी होता है। पत्थर का आकार निश्चित नहीं होता। इस पत्थर पर पानी डालकर
"اللّٰہُ نُورُ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ"
Allāhu Nūru as-Samāwāti wa al-Arḍ.
का उच्चारण करके उसमें दम करें, फिर चने की दाल को पत्थर पर घिसें। घिसने से एक प्रकार का लेप
तैयार हो जाएगा। इस लेप को जस्त की सलाई से प्रभावित आंख में, प्रातः और सायं कुछ दिनों तक लगाएं।
रोहानी इलाज-आध्यात्मिक चिकित्सा(Roohani ilaj)
ख्वाजा शम्सुद्दीन अजीमी
समर्पण
हज़ूर सरवर-ए-ब्रह्मांड
(P.B.U.H.) की सेवा में
संदेह और अनिश्चितता के तूफ़ान से उत्पन्न लगभग दो सौ
बीमारियों और समस्याओं को एकत्र कर इस पुस्तक में उनका समाधान प्रस्तुत किया जा
रहा है।
पुस्तक "रूहानी इलाज" में जितने भी
रोगों के उपचार और समस्याओं के समाधान प्रस्तुत किए गए हैं, वे सभी मुझे सिलसिला ओवैसिया, कलंदरिया, अज़ीमिया से
स्थानांतरित हुए हैं, और इस फ़क़ीर ने इन समस्त आमलियात
की ज़कात अदा की है।
मैं ब्रह्मांड की सृष्टि के लिए इस रूहानी कृपा को
सामान्य करता हूँ और सैय्यदुना हज़ूर (P.U.H.B.) के माध्यम से प्रार्थना करता हूँ कि अल्लाह तआला मेरी
इस कोशिश को स्वीकार्यता प्रदान करें, अपने भक्तों को
स्वास्थ्य प्रदान करें, और उन्हें कठिनाइयों, संकटों और परेशानियों से सुरक्षित रखें।
आमीन, सुम्मा आमीन।